हरिद्वार, संजीव मेहता।सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले उत्तराखंड के खानपुर क्षेत्र से विधायक उमेश कुमार इस बार हरिद्वार लोकसभा सीट से ताल ठोक रहे हैं. हरिद्वार सीट के लिए पहले चरण के तहत वोटिंग है । नामांकन पत्र के साथ जमा कराए एफिडेविट में उमेश कुमार ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक वह पहले चरण के चुनाव के लिए उत्तराखंड के सबसे अमीर प्रत्याशी हैं. वित्तीय वर्ष 2022-23 में उमेश कुमार की कमाई 41.12 लाख रुपये रही. उमेश कुमार और उनकी पत्नी सोनिया कुमार के पास कुल 75.45 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है. 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में उमेश और उनकी पत्नी के पास करीब 62.25 करोड़ रुपये की संपत्ति थी.। उमेश कुमार के एफिडेविट के मुताबिक उनके पास 14.87 लाख रुपये कैश, जबकि पत्नी के पास 14.89 लाख रुपये कैश है. उमेश कुमार के अलग-अलग बैंक अकाउंट में करीब 36.65 लाख रुपये जमा हैं. उनकी पत्नी के बैंक अकाउंट में 44.83 लाख रुपये जमा हैं. उमेश के बेटे दक्ष के खाते में 31.54 हजार रुपये, जबकि देवांश के खाते में 9.17 लाख रुपये जमा हैं.। उमेश कुमार सिर्फ रुपयों से ही नहीं, बल्कि लग्जरी कार के मामले में भी कई उम्मीदवारों से आगे हैं. इनके और इनकी पत्नी के पास कुल 16 वाहन हैं. इनके बेड़े में लैंड क्रूजर, मर्सिडीज, रेंज रोवर,ऑडी, जैगुआर, वैनिटी वैन, बस, जिप्सी और ट्रैक्टर तक शामिल हैं. जूलरी की बात करें तो उमेश के पास करीब 12 लाख रुपये की गोल्ड जूलरी है, जबकि इनकी पत्नी के पास 1.21 करोड़ रुपये की गोल्ड जूलरी है.। उमेश कुमार ने अपने शपथपत्र में बताया है कि उनके खिलाफ 3 मुकदमे दर्ज हैं. ये तीनों ही मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं. इन्हें एक मामले में कोर्ट सजा भी दे चुका है. दरअसल, 2013 में नैनीताल हाई कोर्ट ने एक मामले में अवमानना का दोषी मानते हुए इन्हें रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय में सुबह 11 बजे बुलाकर एक घंटे तक कुर्सी पर बैठे रहने की सजा सुनाई थी.। उमेश कुमार और उनकी पत्नी के पास कई फ्लैट, घर और प्लॉट हैं. हलफनामे के मुताबिक, इनके पास 68 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति है. इससे अलग उमेश कुमार ने बैंक से अपने नाम पर 27.99 लाख रुपये का लोन, जबकि पत्नी ने करीब 87.32 लाख रुपये का लोन ले रखा है. Post Views: 721 Post navigation दो कथित पत्रकारो को चढ़ा होली का खुमार,महिला से भी की थी छेड़छाड़.अब रणविजय सलाखों के पीछे सब्जी की आड़ में शराब तस्करी का मास्टर प्लान हरिद्वार पुलिस ने किया फेल