हरिद्वार, संजीव मेहता। लोकसभा चुनाव के लिए तीन सीटों पर आसानी से टिकट फाइनल होने के बाद पार्टी में दो सीटों-हरिद्वार व नैनीताल का मामला फसा हुआ है। हरिद्वार सीट से टिकट के लिए पूर्व सीएम हरीश रावत और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा लगातार दिल्ली में डटकर अपना दावा पुख्ता करने में लगे हैं। वही नैनीताल से टिकट के कई दावेदार होने से मामला लंबा खिंच रहा है। यह भी पता चला है कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा हरीश रावत को टिकट देने के लिए हां कर दी गई है लेकिन हरीश रावत अपने बेटे को चुनाव लड़ाने पर अड़े हुए हैं

एक उच्च कांग्रेसी सूत्र ने बताया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा हरिद्वार सीट पर तीन बार सर्वेक्षण कराया जा चुका है जिसमें यह बात सामने आई थी के अगर कांग्रेस ने हरिद्वार की सीट जीतनी है तो हरीश रावत को मैदान में उतरना होगा.यद्यपि, स्वयं हरीश रावत अपने पुत्र वीरेंद्र रावत के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं।

उत्तराखंड की पांचों संसदीय सीटों पर भाजपा जहां प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। वहीं कांग्रेस में हरिद्वार व नैनीताल का सस्पेंस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच, प्रमुख दावेदारों ने अंतिम समय में जोर लगाने को दिल्ली में डेरा डाल दिया है। इस क्रम में पूर्व सीएम रावत बीते दो दिन से जहां दिल्ली में जमे हैं, वहीं प्रदेश अध्यक्ष भी गुरुवार को अपनी कोर टीम के साथ दिल्ली पहुंच गए। इसके बाद करन ने प्रदेश में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी शैलजा कुमारी के साथ ही दीपिका पांडेय से भेंट की। साथ ही कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के दफ्तर तक भी अपनी बात पहुंचाई है।

इस तरह हरिद्वार सीट से टिकट, अब रावत व माहरा के बीच फंसा है। एक तरफ पूर्व सीएम व दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष के होने से कांग्रेस के लिए फैसला लेना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। नैनीताल से यशपाल आर्य, भुवन कापड़ी, रंजीत सिंह रावत, प्रकाश जोशी जैसे दावेदार होने से समय लग रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अब केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शुक्रवार या शनिवार को होने की उम्मीद है। संभावना है इस बैठक में दोनों सीटों के लिए नामों की घोषणा कर दी जाएगी।