हरिद्वार,संजीव मेहता।जिस बेटे को ऊंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी बेटे को अब पूर्व सीएम हरीश रावत बड़ी सियासत की abcd सीखा रहे हैं, जिस हरिद्वार से 15 साल पहले खुद सांसद बने, उसी हरिद्वार से सांसद की कुर्सी पर बेटे वीरेंद्र रावत की ताजपोशी करना चाहते हैं.। हरिद्वार संसदीय सीट पर कांग्रेस और बीजेपी का कब्जा रहा है। पूर्व सीएम हरीश रावत यहां से सांसद रह चुके हैं और केंद्रीय में मनमोहन सिंह की सरकार में मंत्री भी रहे। इस बार वह खुद न लड़कर बेटे को टिकट दिलवा दिए हैं। बेटा बेशक लड़ रहा है लेकिन साख हरीश रावत की दांव पर लगी है। वहीं, बीजेपी यहां से एक बार फिर जीतकर जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश में है। पिछला दो चुनाव बीजेपी यहां से जीत भी रही है। बीजेपी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को मैदान में खड़ा कर एक मजबूत प्रत्याशी यहां के लोगों को दिया है। यहां से पूर्व सीएम निशंक भी चुनाव प्रचार करेंगे। क्योंकि वो मौजूदा समय में यहां के सांसद हैं। इस हिसाब से तीन पूर्व सीएम की साख दांव पर लगी है। हरिद्वार संसदीय सीट में दो जिलों की 14 विधानसभा सीटें शामिल हैं। इस क्षेत्र में ब्राह्मण, अनुसूचित जाति, पहाड़ी समाज, पाल, तेली, झोझा, बंजारा, सैनी, सिख, जाट, गुर्जर, त्यागी और मुस्लिम समाज की आबादी प्रमुख रूप से है। Post Views: 2,131 Post navigation HRDA की भीमगोड़ा व भूपतवाला में कार्रवाई अवैध निर्माण सील पतंजलि:ग्राम घनौरा एवम् ग्राम इब्राहीम पुर मे दो दिवसीय चिकित्सा शिविर एवम् औषधि वितरण कार्यक्रम का संचालन कराया