देहरादून, संजीव मेहता।: एमडीडीए यानी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण अवैध निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट्स को न केवल सीज कर रहा है, बल्कि अब ऐसे बिल्डर को भी ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी हो रही है, जिनका अवैध प्रोजेक्ट्स में बार-बार नाम जुड़ रहा है. इसके अलावा आम लोगों को कम बजट में हाउसिंग और व्यावसायिक भवनों को दिलाने के लिए नए प्रोजेक्ट्स भी लाने की तैयारी हो रही है. जिसके लिए प्राधिकरण लैंड बैंक तैयार करने की कोशिशों में जुटा हुआ है.

बता दें कि अवैध निर्माण पर नियंत्रण के लिए प्राधिकरण का अहम रोल होता है. इस दौरान आम लोगों को कम बजट में घर के साथ ही व्यवसायिक भवन भी एमडीडीए उपलब्ध कराता है. इस दिशा में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने कुछ बड़े और अहम फैसले लिए हैं, जिसके तहत न केवल अवैध निर्माण करने वालों पर शिकंजा कसने के ठोस आदेश हुए हैं, बल्कि आम लोगों के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स लाने के लिए भी लैंड बैंक तैयार करने का फैसला लिया गया है.

एमडीडीए लाने जा रहा कई नए प्रोजेक्ट: दरअसल, देहरादून में जमीन फर्जीवाड़े के अक्सर तमाम मामले सामने आते हैं, ऐसे में आम लोगों को ऐसे फर्जीवाडे़ से बचाने और जमीन के बढ़ते दामों के बीच कम बजट में आशियाना दिलाने के लिए एमडीडीए कई नए प्रोजेक्ट लाने जा रहा है. इस दौरान व्यावसायिक भवनों को भी जरूरतमंदों को कम पैसे में उपलब्ध कराने की योजना है.

खास बात यह है कि इसके लिए मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को जमीन की आवश्यकता है. ऐसे में प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि वो देहरादून में लैंड बैंक तैयार करेगा. इस पर नए प्रोजेक्ट ले जाएंगे, ताकि आम लोगों को राहत दी जा सके. प्राधिकरण की तरफ से अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण से लेकर जमीनों पर अवैध कब्जों को भी हटाया जाता है.

नियमों की अनदेखी करने वालों पर होगा सख्त एक्शन: इस दौरान कई ऐसे प्रोजेक्ट भी प्रकाश में आ रहे हैं, जो प्राधिकरण के नियमों के खिलाफ तैयार किया जा रहे हैं. इसमें नियमों की जमकर अनदेखी की जा रही है. किसी को देखते हुए प्राधिकरण ने अब कुछ मामलों में सख्त एक्शन लेने का फैसला करते हुए कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं.

इसी में से एक बिल्डर फ्लोर निर्माण को लेकर भी है, जिसमें दो से ज्यादा मंजिल वाले बिल्डर फ्लोर पर रोक लगाई गई है. इतना ही नहीं नियमों का पालन नहीं करने वाले बिल्डर्स के नक्शों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है. इस दौरान इस तरह के भावनाओं को फौरन सील करने के आदेश जारी हुए हैं. साथ ही ऐसे बिल्डर और ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी निर्देश दिए गए हैं. इतना ही नहीं इस तरह के प्रोजेक्ट्स को ब्लैक लिस्ट भी करने का काम किया जाएगा.

खास बात ये है कि प्राधिकरण के पास सभी नक्शे का ऑनलाइन डाटा मौजूद है. ऐसे में इसको समीक्षा के बाद ऐसे बिल्डर को भी चिन्हित किया जाएगा, जो नियमों की बार-बार अनदेखी करते हुए पाए गए हैं. ऐसे ठेकेदारों और बिल्डर को चिन्हित करने के बाद उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की भी तैयारी की जा रही है.