हरिद्वार। संजीव मेहता। जनपद हरिद्वार में ई-रिक्शा, बैटरी रिक्शा और ऑटो-विक्रम की अनियंत्रित संख्या लगातार आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही है। तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग, नाबालिग चालकों की भरमार और नशे में धुत होकर वाहन चलाने की प्रवृत्ति ने सड़कों पर दुर्घटनाओं का ग्राफ तेज़ी से बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कई चालक बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं, वहीं कुछ वाहन बिना पंजीकरण (अनरजिस्टर्ड) के भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं।


🚨 भूपतवाला में 30 नवंबर को बड़ा हादसा टला

बीती 30 नवंबर 2025 की शाम भूपतवाला स्थित दुधाधारी चौक पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
जानकारी के अनुसार, एक ई-रिक्शा चालक जो नशे की हालत में तेज गति से वाहन चला रहा था, उसने:

एक निजी कार

और एक टैक्सी (जो हरिद्वार यात्रियों को लेकर आई थी)

दोनों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

पीड़ित द्वारा तत्काल चौकी प्रभारी सप्तऋषि (नगर कोतवाली) को फोन कर घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने ई-रिक्शा चालक को हिरासत में लेकर चौकी ले जाया गया।


⚠️ सख्त कार्रवाई की मांग तेज

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:

तेज गति से,

नशे की हालत में,

ओवरलोडिंग कर,

बिना लाइसेंस,

और नाबालिगों द्वारा चलाए जा रहे ई-रिक्शा/बैटरी रिक्शा/ऑटो-विक्रम

पर त्वरित विशेष अभियान चलाया जाए।

साथ ही जो वाहन अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रहे हैं, उनके:

रजिस्ट्रेशन निरस्त किए जाएं

और चालकों के लाइसेंस रद्द किए जाएँ

ताकि आमजन इनकी लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बच सकें।


🗣️ स्थानीय लोग बोले — अब सख्त कार्रवाई अनिवार्य

लोगों का कहना है कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन नगरी में इस तरह का खतरा लगातार बढ़ती चिंता का विषय है।