हरिद्वार, संजीव मेहता।वैदिक मंत्रोच्चार, संत समागम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा एसएमजेएन पीजी कॉलेज परिसर

धर्मनगरी हरिद्वार स्थित एसएमजेएन पीजी कॉलेज प्रांगण में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के तत्वावधान में महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से पधारे संत-महात्मा, अखाड़ों के प्रतिनिधि, विद्वान आचार्य एवं बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी श्रद्धालु उपस्थित रहे।

वैदिक विधि-विधान एवं अखाड़ा परंपराओं के अनुरूप स्वामी आदित्यानंद गिरी का विधिवत पट्टाभिषेक कर उन्हें प्रतिष्ठित श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया। चादर विधि के तहत उपस्थित साधु-संतों ने उन्हें चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया, इसके पश्चात पुष्पवर्षा और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महामंडलेश्वर पद पर अभिषिक्त किया गया। समारोह के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से संपूर्ण परिसर भक्तिमय हो उठा।

महामंडलेश्वर पद को सनातन परंपरा में त्याग, तपस्या, साधना और गुरु कृपा का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। यह पद केवल धार्मिक सम्मान नहीं, बल्कि धर्म रक्षा, समाज मार्गदर्शन और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार की बड़ी जिम्मेदारी भी अपने साथ लेकर आता है।

पट्टाभिषेक उपरांत महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरी महाराज ने कहा कि यह उनके जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे अखाड़े की परंपराओं को आगे बढ़ाने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण से कार्य करेंगे।

अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि महामंडलेश्वर पद पर आसीन हुए आदित्यानंद गिरी जैसे युवा और दिव्य संत संत समाज एवं हिंदू समाज को नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगली धर्म संसद जापान में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए शीघ्र ही अखाड़े का एक शिष्टमंडल जापान रवाना होगा। उन्होंने कहा कि श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा सदैव समाज निर्माण और मानव सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी महाराज ने कहा कि आज पूरी दुनिया सनातन संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है और इस परंपरा को जीवंत बनाए रखने में संत समाज की युगों-युगों से महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरी विश्वभर में सनातन संस्कृति की पताका फहराएंगे।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान स्वामी आदित्यानंद गिरी जापानी समाज को भी धार्मिक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। वहीं श्रीमहंत महेश पुरी ने कहा कि महामंडलेश्वर पद पर आसीन हुए आदित्यानंद पुरी सम्पूर्ण विश्व को सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य करेंगे। श्रीमहंत दर्शन भारती ने इस अवसर को गुरु-शिष्य परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया।

भव्य आयोजन श्रद्धा, संस्कार और सनातन चेतना का सशक्त संदेश देता हुआ संपन्न हुआ।