हरिद्वार।, संजीव मेहता। केंद्रीय बजट से पहले ही हरिद्वार में सिगरेट की काला बाज़ारी तेज़ हो गई है। शहर के कई इलाकों में सिगरेट निर्धारित MRP से 10 से 15 20 रुपये इक पैकेट ज्यादा में बेची जा रही है, जबकि कानूनन MRP से अधिक मूल्य पर बिक्री अवैध है।
इस मामले में दुकानदारों का कहना है कि सिगरेट सप्लायरों ने ही प्रति पैकेट 10 रुपये तक दाम बढ़ाकर दिए हैं, जबकि पैकेट पर छपी MRP अब भी पुरानी ही है। दुकानदारों का तर्क है कि बढ़े हुए खरीद मूल्य के कारण उन्हें मजबूरी में ज्यादा दाम वसूलने पड़ रहे हैं।
हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि चाहे कारण कुछ भी हो, MRP से ऊपर बिक्री की जिम्मेदारी सीधे दुकानदार और सप्लाई चेन दोनों की बनती है। इसके बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन है ।
अब बड़ा सवाल—
👉 क्या प्रशासन सप्लायर और दुकानदार दोनों पर कार्रवाई करेगा?
👉 या फिर MRP से ज्यादा वसूली का खेल यूं ही चलता रहेगा?