हरिद्वार | 24 फरवरी 2026, संजीव मेहता। हरिद्वार पुलिस एक बार फिर आमजन के भरोसे पर खरी उतरी। साइबर ठगी का शिकार हुए एक पीड़ित को पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस दिलाकर पुलिस ने मुरझाए चेहरे पर मुस्कान लौटा दी।
यह कार्रवाई SSP नवनीत सिंह के नेतृत्व में त्वरित और प्रभावी समन्वय का परिणाम है।
💻 कैसे हुआ ऑनलाइन फ्रॉड?
दिनांक 25.01.2026 को पंकज कुमार पुत्र मेघराज, निवासी सहारनपुर (जो मंगलौर क्षेत्र की एक फैक्ट्री में कार्यरत हैं) के साथ पीएफ चालान प्रेषित करने के बाद ₹50,000 का ऑनलाइन फ्रॉड हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल कोतवाली मंगलौर को सूचित किया।
⚡ पुलिस की त्वरित कार्रवाई
थाने में नियुक्त कांस्टेबल ज़फर हुसैन ने बिना समय गंवाए संबंधित बैंक/एजेंसी से तत्काल पत्राचार कर संदिग्ध खाते को फ्रीज़ कराया।
कुशल तकनीकी सहयोग और तेज समन्वय के चलते 24.02.2026 को पूरी ₹50,000 की रकम पीड़ित को वापस दिलाई गई।
😊 पीड़ित ने जताया आभार
धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने उत्तराखंड पुलिस का आभार व्यक्त किया और पुलिस की तत्परता की सराहना की।
📢 हरिद्वार पुलिस की अपील
⚠️ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें
⚠️ ऑनलाइन लॉटरी, इनाम या प्रलोभन के झांसे में न आएं
⚠️ अनजाने कॉल पर बैंक डिटेल साझा न करें
📞 साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
🚔 संदेश साफ है
सतर्क नागरिक + तत्पर पुलिस = सुरक्षित समाज