चंडीगढ़। संजीव मेहता। हरियाणा के चुनावी रण में भाजपा की जीत और कांग्रेस की हार में भले ही कई फैक्टर ने काम किया हो, लेकिन डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी भी इस जीत व हार में बड़ा कारण बने हैं। प्रदेश की करीब तीन दर्जन विधानसभा सीटों पर डेरा प्रमुख को लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव से पहले मिली पैरोल का भाजपा को फायदा पहुंचा है। राज्य में दो दर्जन विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पर जीत और हार का अंतर बहुत कम है। ये वही सीटें हैं, जहां डेरा फैक्टर ने अहम भूमिका निभाई है। कहने को तो डेरा की राजनीतिक ¨वग लंबे समय से सक्रिय नहीं है और कोई पदाधिकारी इसका संचालन नहीं करता, लेकिन चुनाव के समय डेरा प्रमुख को मिलने वाली पैरोल अथवा फरलो बहुत कुछ इशारा करती है। Post Views: 1,233 Post navigation योग, आयुर्वेद, स्वदेशी के प्रति समाज में व्याप्त भ्रान्तियों को समाप्त कर पूरे विश्व को योगमय बनाना ही हमारा लक्ष्य: स्वामी रामदेव पतंजलि,पवित्र शारदीय नवरात्रि:कन्या पूजन व वैदिक अनुष्ठान के साथ गायत्री पूजन का समापन