हरिद्वार। संजीव मेहता।मानसून की दस्तक से पहले हरिद्वार प्रशासन ने अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 जून 2026 के सूर्यास्त के बाद जनपद में आरबीएम (रेत, बजरी एवं बोल्डर) चुगान और मिट्टी खुदाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अवैध खनन मानते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्षा ऋतु के दौरान गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह आदेश निदेशक, भूतत्त्व एवं खनिकर्म इकाई, उद्योग निदेशालय उत्तराखंड के निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है।
आदेश के अनुसार 30 जून के सूर्यास्त के बाद जनपद में आरबीएम चुगान एवं मिट्टी खुदाई से संबंधित सभी अनुज्ञापत्र और अनुमतियां अगले आदेश तक प्रभावी रूप से स्थगित रहेंगी। सभी पट्टाधारकों और अनुज्ञाधारकों को निर्धारित समय के बाद खनन कार्य पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम मयूर दीक्षित ने चेतावनी दी है कि यदि प्रतिबंध के बावजूद कोई व्यक्ति खनन कार्य करता पाया गया तो उसे अवैध खनन माना जाएगा और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध खनन नियमावली तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने संबंधित विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों को भी निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध अवधि के दौरान खनन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा कहीं भी अवैध खनन की सूचना मिलने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्य बातें
30 जून 2026 के सूर्यास्त के बाद खनन पर पूर्ण रोक।
आरबीएम चुगान और मिट्टी खुदाई अगले आदेश तक बंद।
नियम तोड़ने वालों पर अवैध खनन का मुकदमा दर्ज होगा।
प्रशासन और प्रवर्तन एजेंसियां रखेंगी 24×7 निगरानी।
मानसून के दौरान सुरक्षा और नदी संरक्षण को देखते हुए लिया गया फैसला।