देहरादून। हर्षिता ।देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड में आजादी का जश्न पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने नई युवा पीढ़ी यानी जेन-जी को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, कौशल, रोजगार, खेल और उद्यमिता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने राज्य में पहली बार युवा आयोग स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य युवाओं की नीति निर्धारण में भागीदारी बढ़ाना और उनकी समस्याओं व अपेक्षाओं को सरकार तक पहुंचाना है।
सरकारी स्कूलों के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के लिए सरकार ने 7 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
18 से 30 वर्ष के युवाओं के कौशल विकास के लिए बड़े संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। वहीं युवा अपना उद्यम शुरू करते हैं तो बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाला बनाना है।
खेल के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। राज्य में पहली बार स्पोर्ट्स प्लान तैयार किया जाएगा, जिसके तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है।
सीमांत क्षेत्रों के अग्निवीरों, सेवानिवृत्त जवानों और युवाओं को अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा भी की गई। इसके अलावा चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सैनिक परिवारों के लिए भी मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। सीमा पर बलिदान देने वाले शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं परमवीर चक्र विजेताओं के परिजनों के लिए यह राशि 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये करने का निर्णय लिया गया है। शहीद के एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की गई।
पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों को जमीन खरीद में राहत देते हुए 25 लाख रुपये तक की जमीन खरीद पर 25 प्रतिशत स्टांप शुल्क माफ करने का फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने गढ़वाल और कुमाऊं में एक-एक स्पिरिचुअल जोन विकसित करने, वर्ग-3 और वर्ग-4 की जमीन के विनियमितीकरण की समय सीमा बढ़ाकर भूमिधर अधिकार देने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में राज्यांश को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने की घोषणाएं भी कीं।
इस तरह उत्तराखंड का 80वां स्वतंत्रता दिवस युवा शक्ति, सैनिक सम्मान, रोजगार और विकास को समर्पित रहा।