केदारनाथ, संजीव मेहता। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी गढ़वाल जिलों में अतिवृष्टि और बादल फटने के कारण भीषण प्राकृतिक आपदा आई है. चमोली जिले के देवाल ब्लॉक स्थित मोपाटा गांव में लैंडस्लाइड के मलबे में पति पति दब गए थे. कई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बरामद हो गए हैं. यहां दो लोग भूस्खलन की चपेट में आने से घायल भी हुए हैं. घायलों को देवाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. पीड़ितों का दर्द सुनकर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल की आंखें भी भर आईं. इधर रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार तहसील में रात को बादल फटने से भारी तबाही मची है. यहां कई लोग आपदा के बाद से लापता हैं. कई घरों को नुकसान पहुंचा है. अनेक वाहन मलबे में दब और बह गए हैं. बसुकेदार आपदा में 1 महिला की मौत हो गई. 8 लोग लापता हैं. बागेश्वर में अतिवृष्टि से आई आपदा में 2 लोगों की मौत हो गई. 3 लोग लापता हैं. टिहरी गढ़वाल जिले के बूढ़ाकेदार इलाके में भी बादल फटा है. यहां भी काफी नुकसान हुआ है. यहां बाल गंगा और धर्म गंगा नदियां उफान पर हैं. जिलाधिकारी प्रतीक जैन व पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग अक्षय प्रह्लाद कोंडे पैदल चलकर आपदाग्रस्त बसुकेदार के दूरस्थ क्षेत्र ग्राम ताल जामण पहुंचे हैं. यहां बादल फटने के कारण काफी नुकसान पहुंचा है. दोनों अधिकारियों ने बड़ेथ, डुंगर से पैदल चलकर क्षतिग्रस्त हो चुके मार्ग को पार किया और फिर ताल जामण गांव पहुंच सके. अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में जाकर नुकसान का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की. Post Views: 371 Post navigation उत्तराखंड बना खेलभूमि – 38वें राष्ट्रीय खेलों में रचा इतिहास, 103 पदक जीतकर हासिल 7वां स्थान