हरिद्वार। संजीव मेहता। आगामी कांवड़ मेला-2026 को सकुशल और जाममुक्त संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, निर्माणाधीन फ्लाईओवरों और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से हरिद्वार पहुंच मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान सीओ ट्रैफिक बिपेंद्र सिंह और यातायात निरीक्षक हितेश कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एनएचएआई और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कांवड़ मेले से पहले सभी अधूरे कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
SP ट्रैफिक निशा यादव ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है। सड़क निर्माण और फ्लाईओवर परियोजनाओं से जुड़े कार्यों की लगातार निगरानी की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान दिए गए अहम निर्देश
🔹 हरिलोक तिराहे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास मिट्टी की लेवलिंग कर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार किया जाए।
🔹 मोहनपुरी वाला और बहादराबाद बाईपास स्थित फ्लाईओवरों के दोनों ओर सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ाई जाए।
🔹 दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से हरिद्वार आने वाले मार्ग पर निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए तथा टोल प्लाजा क्षेत्र के कार्य एक माह के भीतर समाप्त किए जाएं।
🔹 पतंजलि से बढ़ेड़ी राजपूताना तक सर्विस रोड को गड्ढामुक्त कर चौड़ा किया जाए, जिससे भारी वाहनों और श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
🔹 बढ़ेड़ी राजपूताना से सालियर जंक्शन तक नव-निर्मित हाईवे के शेष कार्य कांवड़ मेले से पहले पूरे किए जाएं।
🔹 आवश्यकता पड़ने पर नव-निर्मित हाईवे को हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक एवं आपातकालीन मार्ग के रूप में उपयोग करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
15 दिन बाद फिर होगी समीक्षा
SP यातायात ने सभी संबंधित एजेंसियों को चेतावनी दी कि 15 दिन बाद दोबारा पूरे मार्ग का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
कांवड़ मेले को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क
हरिद्वार पुलिस और संबंधित विभागों का लक्ष्य है कि कांवड़ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।