हरिद्वार | 21 जुलाई 2026,संजीव मेहता। धर्मनगरी हरिद्वार को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के तहत लगभग ₹235 करोड़ की लागत वाली चार महत्वपूर्ण आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया।अलकनंदा होटल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने ₹43.25 करोड़ की प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया। साथ ही ₹66.76 करोड़ से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार, ₹66.34 करोड़ से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा ₹58.84 करोड़ से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी बनाने के विजन का हिस्सा हैं। सरकार केवल शिलान्यास नहीं, बल्कि तय समय में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है।उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2027 को इतिहास का सबसे दिव्य, भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए राज्य सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के साथ नए घाट, पुल, सड़क चौड़ीकरण, यातायात सुधार और आधुनिक सुविधाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट, पॉड टैक्सी, हर की पैड़ी से चंडी देवी और मनसा देवी तक रोपवे, मेडिकल कॉलेज, मॉडल डिग्री कॉलेज, स्वास्थ्य केंद्र तथा अन्य कई विकास परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से न केवल करोड़ों श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलेगी।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा, यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। Post Views: 1,297 Post navigation जनसुनवाई में डीएम का एक्शन मोड, 100 शिकायतों में 55 का मौके पर समाधान