हरिद्वार |संजीव मेहता।,जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से प्रत्येक सोमवार आयोजित होने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम में इस बार 100 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 55 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में भूमि विवाद, राजस्व, अतिक्रमण, बिजली, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं।
अतिक्रमण, सरकारी भूमि और बिजली व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें प्रमुख
जनसुनवाई में लक्सर, लालढांग, बहादराबाद, अलीपुर, नारसन और हरिद्वार क्षेत्र से आए नागरिकों ने भूमि पर अवैध कब्जे, सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने, टूटे बिजली पोल, झुकी विद्युत लाइन, जल निकासी बाधित होने और हाईवे-सर्विस रोड निर्माण जैसी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।
डीएम का स्पष्ट संदेश—समयबद्ध समाधान नहीं तो होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां विभाग आपसी समन्वय से मौके पर पहुंचकर समाधान करें। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन पर सख्ती
बैठक में सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि 36 दिनों से अधिक समय से कई शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का तत्काल समाधान किया जाए और शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर फीडबैक भी लिया जाए।
हरित हरिद्वार अभियान को मिला जनसहयोग
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान हरित हरिद्वार एवं हरेला पर्व अभियान के तहत फरियादियों और मीडिया प्रतिनिधियों को फलदार पौधे वितरित किए गए। जिलाधिकारी ने सभी से पौधों का संरक्षण करने की अपील करते हुए पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. लालित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।