हरिद्वार | 30 जून 2026, संजीव मेहता।जनपद हरिद्वार में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने लक्ज़री स्लीपर बसों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर 28 और 29 जून को परिवहन विभाग द्वारा विशेष सघन प्रवर्तन अभियान संचालित किया गया, जिसमें नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान का नेतृत्व एआरटीओ (प्रवर्तन) सुश्री नेहा झा ने किया, जबकि बसों का तकनीकी निरीक्षण संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) आनंद वर्धन द्वारा किया गया। इस दौरान विभिन्न मार्गों पर चल रही लक्ज़री स्लीपर बसों के परमिट, फिटनेस, तकनीकी सुरक्षा, संरचनात्मक मानकों तथा अन्य वैधानिक दस्तावेजों की गहन जांच की गई।
कार्रवाई के प्रमुख बिंदु
80 बसों के चालान किए गए।
12 बसों को गंभीर अनियमितताओं के चलते सीज़ किया गया।
15 बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करती मिलीं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
2 बसें सड़क सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक पाई गईं, जिनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की संस्तुति की गई।
12 बसों में स्वीकृति के विपरीत संरचनात्मक बदलाव (Alteration) पाए गए। इन बसों के विरुद्ध चालान कर उनके फिटनेस प्रमाणपत्र निरस्त करने की भी संस्तुति की गई है।
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। परमिट की शर्तों, तकनीकी मानकों और मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसे सघन अभियान लगातार जारी रहेंगे।
विभाग ने सभी वाहन स्वामियों और संचालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों का संचालन पूरी तरह वैधानिक नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप करें, ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।