हरिद्वार।संजीव मेहता। फार्मास्युटिकल उद्योगों को वैश्विक मानकों के अनुरूप सशक्त बनाने के उद्देश्य से हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती के निर्देशन में ISHRE इंजीनियर्स की विशेषज्ञ टीम द्वारा आयोजित इस लर्निंग सेशन में जनपद की फार्मा मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों ने सक्रिय भागीदारी की।

कार्यक्रम में संशोधित R-GMP (Revised Good Manufacturing Practices) को लेकर उद्योगों को विस्तृत जानकारी दी गई। विशेष रूप से HVAC सिस्टम, गुणवत्ता नियंत्रण और नियामकीय अनुपालन जैसे अहम विषयों पर तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि कंपनियां आगामी नियमों के अनुरूप समय रहते खुद को अपडेट कर सकें।

ड्रग्स इंस्पेक्टर अनीता भारती ने जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार फार्मा हब के रूप में लगातार मजबूत हो रहा है। वर्तमान में जिले की करीब 90 प्रतिशत फार्मा इकाइयां सभी आवश्यक मानकों का पालन कर रही हैं, जबकि शेष कंपनियां भी तेजी से कंप्लायंस की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रयास उत्तराखंड की फार्मा इंडस्ट्री को एक्सपोर्ट और WHO मान्यता की ओर ले जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने फार्मा उद्योग से जुड़े उद्यमियों को राज्य की आर्थिक प्रगति का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि फार्मा सेक्टर न केवल युवाओं को रोजगार दे रहा है, बल्कि राज्य के राजस्व में भी अहम भूमिका निभा रहा है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि उद्योगों की समस्याओं को शासन और सदन के स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।


“R-GMP के नए नियमों को लेकर उद्योगों को पहले से तैयार करना हमारा उद्देश्य है, ताकि उत्तराखंड की फार्मा कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।” अनीता भारती, ड्रग्स इंस्पेक्टर, हरिद्वार


“फार्मा उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है। उद्योगों की हर जायज समस्या को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।”रवि बहादुर, विधायक, ज्वालापुर