हरिद्वार। संजीव मेहता।केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई कथित श्रमिक विरोधी नीतियों, चार श्रम संहिताओं को रद्द करने तथा बीएचईएल के 5% शेयर बेचने के फैसले के विरोध में बीएचईएल हरिद्वार की केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को फाउंड्री गेट पर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद माननीय राष्ट्रपति महोदया को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रेषित किया गया।“विशाल विरोध प्रदर्शन” के दौरान आयोजित जनसभा का संचालन बीएमकेपी के उपाध्यक्ष प्रशांत दीप गुप्ता ने किया, जबकि सभा की अध्यक्षता एटक के संरक्षक एम.एस. त्यागी ने की।सभा को संबोधित करते हुए इंटक के महामंत्री राजबीर सिंह ने कहा कि देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियंस—इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू सहित अन्य श्रम संगठनों और बीएचईएल की स्थानीय यूनियन हेमू—ने एकजुट होकर केंद्र सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों के स्थान पर चार श्रम संहिताएं एकतरफा लागू करने और सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेशीकरण की नीति के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि 12 फरवरी 2026 को पूरे देश में श्रमिकों द्वारा एक दिवसीय हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।यूनियन नेताओं ने हाल ही में बीएचईएल के 5% शेयर बेचे जाने पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए इसे श्रमिक हितों के खिलाफ बताया और निर्णय वापस लेने की मांग की।एचएमएस के प्रेमचंद सिमरा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपेगा। उन्होंने प्रमुख मांगों में मोटर वाहन अधिनियम 2023 को तत्काल रद्द करने, न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रतिमाह घोषित करने तथा उत्तराखंड न्यूनतम वेतन बोर्ड, कर्मचारी भविष्य निधि बोर्ड और ईएसआई बोर्ड में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग रखी।इसके साथ ही बैंक, बीमा, रक्षा, डाक और रेलवे जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाने, आयुध निर्माणियों को पुनः पूर्ण सरकारी नियंत्रण में लाने और बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को निरस्त करने की मांग भी उठाई गई।यूनियनों ने किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाने, केंद्र एवं राज्य सरकार के संस्थानों में कार्यरत संविदा और ठेका श्रमिकों को नियमित करने, “समान कार्य के लिए समान वेतन” लागू करने तथा नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग दोहराई।सभा में मुकुल राज, प्रशांत दीप गुप्ता, रविंद्र कुमार, अश्वनी चौहान, मोहम्मद इम्तियाज, विपिन केसला, संजय शर्मा, तेजवीर सिंह, संदीप चौहान, अमित सिंह, सुभाष त्यागी, प्रेमचंद सिमरा, मनीष सिंह, नरेश नेगी, नईम खान, परमाल सिंह, अजीत कुमार, अमृत रंजन, रजनीश कुमार, विरेंद्र सिंह, मोहित शर्मा, अरुण नायक, अर्जुन कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।एकजुट श्रमिकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर वे किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। Post Views: 366 Post navigation हरिद्वार में अनाधिकृत निर्माण पर चला प्राधिकरण का शिकंजा, मकान किया गया सील