देहरादून: संजीव मेहता। रुद्रपुर क्षेत्र से एसटीएफ ने फर्जी लाइसेंस बनाने के मामले में मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है. आरोपी के बैंक खाते में अवैध असलहों के फर्जी लाइसेंस के कारोबार से करीब एक करोड़ सत्तर लाख की धनराशि प्राप्त हुई है. जबकि, आरोपी पहले भी जेल की हवा खा चुका है. बता दें कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ शाहजहांपुर और गाजियाबाद में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के संबंध में भी कई मुकदमे दर्ज हैं. अब तक एसटीएफ मामले में 3 मुकदमे दर्ज कर 9 आरोपियों को 14 अवैध शस्त्र, जिसमें 2 ऑटोमेटिक पंप एक्शन गन, 2 रायफल, 9 पिस्टल और 1 रिवॉल्वर, 355 जिंदा कारतूसों और कई फर्जी लाइसेंस के साथ जेल भेज चुकी है. गौर हो कि उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की ओर से राज्य में बाहरी राज्यों से ट्रांसफर होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता और सत्यता की जांच के बाद 4 जून को उधम सिंह नगर की काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था. इसी मुकदमे की विवेचना के क्रम में अब तक 14 शस्त्र और 355 जिंदा कारतूस समेत कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं. फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा गिरफ्तार: इसी कड़ी में मंगलवार यानी 23 जून को एसटीएफ की टीम ने काशीपुर में दर्ज मुकदमे से संबंधित मास्टरमाइंड सदानंद शर्मा निवासी शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) को रुद्रपुर से गिरफ्तार किया. गिरफ्तार सदानंद पहले भी गाजियाबाद और शाहजहांपुर से फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में गिरफ्तार होकर जेल भी जा चुका है. एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी सदानंद एक आदतन अपराधी है. जिसने फर्जी तरीके से कई शस्त्र लाइसेंस तैयार कर धनराशि लिए हैं. जिन्हें उधम सिंह नगर में सौरभ अग्रवाल और उसके भाई गौरव अग्रवाल के माध्यम से बनवाए हैं. एसटीएफ की मानें तो आरोपी ने जिन भी व्यक्तियों के लाइसेंस बनाए हैं, उन्हें जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहांपुर में काम करने वाले संविदाकर्मियों से मिलकर तैयार किए हैं. जिसके तहत पुराने UIN नंबर जिनका रिकॉर्ड शाहजहांपुर जिले से गायब हो चुका था, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी तरीके से अपलोड़ करा दिया गया है. आरोपी ने अपने बैंक खाता संख्या में सौरभ अग्रवाल, मोहित अग्रवाल, करन सिंह, जतिन कांडपाल, शुभम अग्रवाल और अन्य लोगों से जिनके शस्त्र लाइसेंस बनवाए हैं, उनसे धनराशि हासिल की है. एसटीएफ को कई लोगों की जानकारी मिली है, जिनके फर्जी शस्त्र लाइसेंस सदानंद शर्मा ने बनवाए हैं. फर्जी लाइसेंस के कारोबार से कमाए 1 करोड़ 70 लाख रुपए: पहले भी सदानंद शर्मा के खिलाफ फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के मामले में गाजियाबाद के थाना कविनगर और शाहजहांपुर मुकदमे दर्ज हैं. आरोपी के बैंक खाते में अवैध असलहों के फर्जी लाइसेंस के कारोबार से करीब 1 करोड़ 70 लाख की धनराशि प्राप्त हुई है. आरोपी को एसटीएफ ने रुद्रपुर से गिरफ्तार किया, फिर पूछताछ के बाद थाना काशीपुर दाखिल किया है. “बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनाकर उत्तराखंड में अवैध शस्त्र लेकर फर्जी लाइसेंस को सही बनवाकर इस्तेमाल करने वाले स्पेशल टास्क फोर्स के रडार पर हैं. अभी भी फर्जी शस्त्र धारक खुद अपने शस्त्र पुलिस के सामने सरेंडर कर सकते हैं. अगर कोई भी फर्जी लाइसेंस या शस्त्र रखता है, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.“- अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ, उत्तराखंड Post Views: 9 Post navigation योग स्वास्थ्य शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक है–आयुष मंत्री मदन कौशिक मथुरा में सघन चेकिंग अभियान में 258 वाहनों के चालान काटे