चंडीगढ़।संजीव मेहता। सहमति संबंध में रहने वाली दो लड़कियों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बरनाला के एसएसपी को उनके मांगपत्र पर एक माह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी याचिका दाखिल करते हुए जोड़े ने बताया कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से एक-दूसरे के साथ सहमति संबंध में रह रही हैं। उन्हें उनके परिवार वालों से खतरा है। इसकी आशंका जताते हुए उन्होंने बरनाला पुलिस को मांगपत्र भी दिया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। प्रत्येक नागरिक को जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार याची के वकील ने कहा कि संविधान में प्रत्येक नागरिक को जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार है। याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा को खतरा है और ऐसे में विवाहित न होकर भी वे साथ में रहने के लिए सुरक्षा के हकदार हैं। हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए बरनाला के एसएसपी को याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर एक माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है। Post navigation ससुराल में बेटी से हुआ दुर्व्यवहार, पिता ने सरकारी नौकरी वाले दामाद के घर से वापस निकाली बिटिया की बरात गोल गप्पे वाले ने गर्लफ्रेंड का अश्लील वीडियो बनाकर मांगे थे रुपये,पुलिस जब कोर्ट पहुची तो रह गई दंग