हरिद्वार |संजीव मेहता। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कांवड़ मेला-2026 की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए हरिद्वार पहुंचकर अत्याधुनिक सीसीटीवी कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, स्वच्छता और श्रद्धालुओं को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की।राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखें और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन एवं मानवबल तुरंत उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।स्वच्छता और एआई तकनीक पर विशेष फोकसराज्यपाल ने पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए मशीनयुक्त सफाई व्यवस्था की समीक्षा की और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।इसके साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए कहा कि निगरानी, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।हरकी पैड़ी में मां गंगा की पूजा-अर्चनानिरीक्षण के बाद राज्यपाल हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से मां गंगा की पूजा-अर्चना की और गंगा आरती में शामिल हुए। उन्होंने कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफल संचालन के साथ-साथ प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।इस दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, एसपी संचार विपिन कुमार, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। Post Views: 796 Post navigation हरिद्वार में नकली पनीर फैक्ट्री पर छापा, 50 किलो पनीर नष्ट; मिल्क पाउडर से हो रहा था निर्माण हरिद्वार के मदरसों की सुस्त चाल, 271 में से सिर्फ 47 ने रजिस्ट्रेशन के लिए किया आवेदन, UMEA अध्यक्ष ने की ये अपील