हरिद्वार/लक्सर, संजीव मेहता।मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद उत्तराखंड में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, देहरादून की टीम ने 17 मार्च 2026 को हरिद्वार और लक्सर क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी करते हुए 14 स्टोन क्रेशरों पर शिकंजा कस दिया।
जांच के दौरान अवैध खनन, भंडारण और नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामले सामने आए। इसके चलते सभी क्रेशरों की पैमाइश कर उन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया, साथ ही उनका ई-रवन्ना पोर्टल भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया।
प्राथमिक जांच में इन क्रेशरों पर 10 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे खनन माफिया में हड़कंप मच गया है।
❗ बड़ा सवाल
हालांकि इस कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है कि
👉 जब मुख्यमंत्री के आदेश पर इतनी बड़ी अनियमितताएं सामने आईं, तो आखिर अब तक स्थानीय खनन अधिकारी आंखें बंद करके क्यों बैठे थे?
क्या पहले इन गतिविधियों की जानकारी नहीं थी या फिर कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही थी—यह जांच का विषय बनता जा रहा है।
📍 इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
फतवा
महतोली
मुजफ्फरपुर गुजरा
नेहन्दपुर
जवाहरखान (झीवरहेड़ी)
बाड़ीटीप (हरिद्वार)
🔥 निष्कर्ष
सरकार की इस सख्ती से साफ संकेत है कि अब अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है, लेकिन साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।