लक्सर। संजीव मेहता। हरिद्वार पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो भोले-भाले लोगों को भावनात्मक कहानियों में फंसाकर नकदी ऐंठता था और फिर साइबर ठगी की रकम को CSC सेंटरों और अन्य खातों के जरिए ठिकाने लगाता था। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को दबोचकर ₹1.48 लाख नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विशेष APK फाइलों और QR कोड के जरिए साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसकी असली पहचान छिपाते थे। गिरोह पहले CSC सेंटर संचालकों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों के QR कोड हासिल करता, फिर ठगी की रकम उन खातों में पहुंचाई जाती थी।कैंसर और चालान का बहाना, फिर लाखों की ठगीआरोपी गांवों में जाकर लोगों को कभी कैंसर का मरीज तो कभी भारी चालान से परेशान व्यक्ति बताकर भावनात्मक जाल बिछाते थे। इसी तरह दाबकी कला के दो लोगों से ₹1.71 लाख नकद ले लिए गए। बाद में उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन होने से खाते फ्रीज हो गए और पूरे खेल का खुलासा हुआ।व्हाट्सएप चैट ने खोले राजपुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट खंगाली तो साइबर नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। चैट में कई QR कोड और संदिग्ध लेनदेन के सबूत मिले, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।ये हैं गिरफ्तार आरोपीअंकित चौहान (29), निवासी शाहपुर, सहारनपुरविशाल चौहान (28), निवासी शाहपुर, सहारनपुरबरामदगी💰 ₹1,48,000 नकद📱 घटना में प्रयुक्त POCO मोबाइल फोनपुलिस की चेतावनीहरिद्वार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अंजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, QR कोड या वित्तीय संसाधन इस्तेमाल न करने दें। साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें। Post Views: 1,240 Post navigation ब्रेकिंग न्यूज़ | हरिद्वार में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा प्रहार⚠️ अवैध अस्पतालों पर चला प्रशासन का डंडा, 3 अस्पताल सील