देहरादून: संजीव मेहता । उत्तराखंड में नकली दवाओं का बड़ा नेटवर्क सामने आने के बाद एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है। 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई में कोटद्वार स्थित एक अवैध दवा फैक्ट्री को सील कर दिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह फैक्ट्री बंद होने के बावजूद अंदर गुपचुप तरीके से दवाओं का निर्माण कर रही थी।एसटीएफ, ड्रग विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने कोटद्वार के सिडकुल सिगड्डी क्षेत्र में स्थित फैक्ट्री पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री का लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था, लेकिन परिसर के भीतर मशीनें, टैबलेट निर्माण उपकरण और संदिग्ध सामग्री मौजूद थी। मौके से बड़ी मात्रा में टैबलेट और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए।जांच में यह भी सामने आया कि नकली दवाओं का कारोबार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए चलाया जा रहा था। नामी कंपनियों की दवाओं जैसी पैकेजिंग तैयार कर उन्हें सस्ते दामों में बेचा जा रहा था। STF को शक होने पर टीम ने ग्राहक बनकर दवाइयां मंगाईं, जिसके बाद पूरा नेटवर्क उजागर हुआ।पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग जगहों पर बंद पड़ी फैक्ट्रियों का इस्तेमाल कर नकली दवाइयों का निर्माण करता था और बाद में उन्हें फिर बंद कर दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो।एसटीएफ का कहना है कि यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े बड़े चेहरों और सप्लाई चैन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि दवाइयां हमेशा अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और असामान्य रूप से सस्ती दवाओं से सावधान Post Views: 8,604 Post navigation कौन है वो शख्स जिसने राहुल गांधी के नाम पर आंदोलकारी भावना पांडे से ठग लिए 25 लाख?