विकासनगर। संजीव मेहता। जौनसार बावर के विकास को नई उड़ान देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागथात से कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की सौगात दी। जौनसार बावर पुनरुत्थान समिति के तत्वावधान में आयोजित 33वें खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की सड़क, शिक्षा, पेयजल और कनेक्टिविटी से जुड़ी अनेक घोषणाएं कर स्थानीय जनता को बड़ी सौगात दी।सोमवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह स्टेडियम, नागथात में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह-2026 में मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार बावर केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और मेहनतकश जनता के लिए भी पूरे प्रदेश में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति पिछले 33 वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सराहनीय कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण, प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने तथा बागी-खेड़ा-कोटा-तपलाड मार्ग पर यमुना नदी में 60 मीटर स्पान पुल के निर्माण की घोषणा की।इसके अलावा चकराता क्षेत्र में क्यारापुल-डामटा-म्यूंडा मोटर मार्ग से छामरी और जाखणी तक सड़क निर्माण, सकरोल से भोड़ा-भालनू और उटेल होते हुए द्वितीय सिद्धपीठ महासू महाराज थैना तक मोटर मार्ग निर्माण, ग्राम खबऊ क्षेत्र में यमुना नदी से पंपिंग पेयजल योजना तथा क्षेत्रीय संपर्क मार्गों के विस्तार की भी घोषणा की गई।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जौनसार बावर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इन घोषणाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं में सुधार आएगा तथा स्थानीय लोगों को विकास का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।जौनसार बावर के लिए की गई इन घोषणाओं को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताया है। Post Views: 1,802 Post navigation उत्तरकाशी का शक्ति मंदिर — देवी दुर्गा की दिव्य शक्ति का प्रतीक